Emergency Fund क्या है और कितना होना चाहिए?

Emergency Fund (आपातकालीन निधि) वह विशेष रकम होती है जिसे आप अचानक आने वाली आर्थिक परेशानियों जैसे कि नौकरी छूटना, मेडिकल इमरजेंसी, वाहन या घर की जरूरी मरम्मत जैसी स्थितियों से निपटने के लिए अलग रखकर बचाते हैं।
यह फंड आपको कर्ज लेने या निवेश तोड़ने से बचाता है और मानसिक शांति देता है।

कितना Emergency Fund होना चाहिए?

सामान्य नियम:
आपके मासिक आवश्यक खर्चों के 6 से 9 गुना तक की राशि Emergency Fund में होनी चाहिए।

🔹 उदाहरण:
यदि आपके महीने का खर्च ₹30,000 है,
तो Emergency Fund: ₹1,80,000 (6x) से ₹2,70,000 (9x) के बीच होना चाहिए।

अलग-अलग प्रोफाइल के लिए कितना फंड रखें:

प्रोफाइलEmergency Fund (अनुशंसित)
नौकरीपेशा व्यक्ति3–6 महीने के खर्च
स्वरोजगार / फ्रीलांसर6–12 महीने के खर्च
रिटायर्ड व्यक्ति या आर्थिक रूप से निर्भर12+ महीने के खर्च
होम लोन या अन्य EMI चल रही होEMI समेत 9–12 महीने का फंड

Emergency Fund कैसे बनाएं?

खर्चों का आकलन करें

मासिक जरूरी खर्चों (जैसे रेंट, राशन, EMI, स्कूल फीस) को जोड़कर कुल खर्च का अंदाजा लगाएं।

लक्ष्य तय करें

अपनी प्रोफाइल के अनुसार Emergency Fund का टारगेट सेट करें — उदाहरण: 6 महीने के खर्च के बराबर।

बजट बनाएं

मासिक आय और खर्च का बजट तैयार करें और तय करें कि हर महीने कितना पैसा Emergency Fund में जोड़ सकते हैं।

छोटी शुरुआत करें, नियमित बचत करें

हर महीने सैलरी का 10–20% Emergency Fund में डालें। बोनस, टैक्स रिफंड या अतिरिक्त आमदनी भी इसमें जोड़ें।

ऑटोमैटिक सेविंग्स सेट करें

बैंक में ऑटो डेबिट या SIP सेट करें, ताकि हर महीने निश्चित रकम Emergency Fund में ट्रांसफर हो जाए।

पैसे को सही जगह रखें

Emergency Fund को ऐसी जगह रखें जहाँ से पैसा जरूरत पड़ने पर जल्दी निकाला जा सके:

  • 🏦 Savings Account: (कम से कम 1 महीने का खर्च)
  • 📑 Fixed Deposit (Auto Sweep के साथ)
  • 💼 Liquid Mutual Funds: (24–48 घंटे में निकासी संभव)

सिर्फ इमरजेंसी में ही इस्तेमाल करें

इस फंड का उपयोग केवल वास्तविक आपात स्थिति में करें — जैसे मेडिकल जरूरत, नौकरी छूटना।
घूमने, शॉपिंग या गैजेट्स के लिए इसका इस्तेमाल न करें।

समय-समय पर समीक्षा करें

हर 6–12 महीने में अपने खर्च और जीवनशैली के अनुसार Emergency Fund की राशि की समीक्षा करें और आवश्यक हो तो उसे बढ़ाएं।

संक्षिप्त सुझाव:

  • Emergency Fund धीरे-धीरे बनाएं, लेकिन नियमितता बनाए रखें
  • इसे अलग अकाउंट या फंड में रखें, ताकि खर्च करने की इच्छा न हो।
  • जितनी जल्दी Emergency Fund तैयार होगा, उतनी जल्दी आप आर्थिक रूप से सुरक्षित हो जाएंगे।

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