अक्सर लोगों को लगता है कि जब तक तनख्वाह ज़्यादा नहीं होगी, तब तक बचत कर पाना नामुमकिन है। लेकिन सच्चाई ये है कि सेलरी कम हो या ज़्यादा — सही रणनीति से सेविंग संभव है।
इस ब्लॉग में हम जानेंगे कि कैसे नौकरीपेशा लोग छोटी इनकम में भी मजबूत सेविंग प्लान बना सकते हैं।
बजट बनाएं, और उस पर डटे रहें
बिना बजट सेविंग की कोशिश वैसी ही है जैसे बिना नक्शे के सफर पर निकलना।
कैसे करें:
- अपनी इनकम को तीन भागों में बांटें:
50% ज़रूरी खर्च, 30% इच्छाएं, 20% सेविंग (50-30-20 रूल) - हर महीने की शुरुआत में ही खर्च की योजना बनाएं।
- खर्चों को ट्रैक करें — मोबाइल ऐप्स या डायरी का इस्तेमाल करें।
गैरज़रूरी खर्चों पर लगाम लगाएं
कम सैलरी में बड़ी सेविंग तभी संभव है जब आप “चाहत” और “ज़रूरत” के फर्क को समझें।
सुझाव:
- रोज़ाना बाहर खाना खाने की बजाय घर से टिफिन ले जाएं।
- ऑनलाइन शॉपिंग से पहले 24 घंटे रुकें — क्या वाकई इसकी जरूरत है?
- सब्सक्रिप्शन और मेंबरशिप की समीक्षा करें — क्या आप उन्हें इस्तेमाल कर रहे हैं?
क्रेडिट कार्ड का होशियारी से इस्तेमाल करें
क्रेडिट कार्ड की सुविधा के साथ-साथ जोखिम भी होता है।
क्या करें:
- केवल उतना ही खर्च करें जितना आप चुका सकते हैं।
- फुल पेमेंट करें, मिनिमम पेमेंट से बचें (इससे ब्याज बढ़ता है)।
- EMI पर चीजें लेने से बचें, जब तक बहुत ज़रूरी न हो।
छोटी सेविंग से शुरुआत करें, लेकिन नियमित करें
बड़ी सेविंग की शुरुआत छोटी राशि से भी हो सकती है — अहम बात है नियमितता।
कैसे करें:
- SIP (Systematic Investment Plan) में ₹500 से भी निवेश शुरू कर सकते हैं।
- रोज़ ₹50 अलग रखें — महीने में ₹1500+, साल में ₹18,000+
- RD (Recurring Deposit) या डिजिटल गुल्लक जैसे विकल्प चुनें।
सेविंग को पहले प्राथमिकता दें, खर्च को बाद में
“Save First, Spend Later” नियम अपनाएं।
मतलब, पहले सेविंग अलग निकालें, फिर खर्च करें।
तरीका:
- सैलरी आते ही सेविंग वाले खाते में ट्रांसफर करें।
- ऑटो-डिडक्शन सेट करें (जैसे SIP, RD, PF योगदान आदि)।
आपातकालीन फंड जरूर बनाएं (Emergency Fund)
जीवन में कोई भी अनिश्चितता आ सकती है — नौकरी छूटना, बीमारी या अचानक बड़ा खर्च।
उपाय:
- कम से कम 3–6 महीनों के खर्च जितनी राशि का फंड बनाएं।
- इस पैसे को ऐसे खाते में रखें जहां जरूरत पड़ने पर तुरंत निकाला जा सके।
वित्तीय ज्ञान (Financial Literacy) बढ़ाएं
जितना ज़्यादा आप पैसे को समझेंगे, उतनी बेहतर आपकी सेविंग होगी।
क्या करें:
- हर हफ्ते 1 घंटा फाइनेंस सीखने में लगाएं।
- पैसे से जुड़े ब्लॉग पढ़ें, यूट्यूब वीडियो देखें, फाइनेंस ऐप्स की जानकारी लें।
- FD, SIP, PPF, NPS, Insurance, Tax-saving जैसे विकल्पों की जानकारी रखें।
बोनस टिप: अपनी स्किल्स को बढ़ाएं = भविष्य में ज़्यादा इनकम
कम सैलरी एक स्थायी समस्या नहीं है।
अगर आप अपनी स्किल्स बढ़ाते हैं, तो:
- सैलरी बढ़ सकती है
- फ्रीलांस या साइड इनकम के मौके मिल सकते हैं
- प्रमोशन के चांस बनते हैं
