TCS शेयरधारकों को हर शेयर पर ₹11 डिविडेंड देगी

टाटा ग्रुप की प्रमुख आईटी कंपनी टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने वित्त वर्ष 2025-26 की पहली तिमाही (Q1 FY26) के शानदार नतीजों के बाद अपने शेयरधारकों को ₹11 प्रति शेयर का डिविडेंड देने का ऐलान किया है।

1968 में हुई थी TCS की स्थापना

टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) भारत की मल्टीनेशनल इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी (IT) कंपनी है। यह टाटा ग्रुप की एक सहायक कंपनी है। TCS की स्थापना 1968 में ‘टाटा कंप्यूटर सिस्टम्स’ के रूप में हुई थी। 25 अगस्त 2004 को TCS पब्लिक लिस्टेड कंपनी बनी।

2005 में इन्फॉरमेटिक्स मार्केट में जाने वाली यह भारत की पहली कंपनी बनी। अप्रैल 2018 में 100 अरब डॉलर मार्केट कैपिटलाइजेशन वाली देश की पहली IT कंपनी बनी। कंपनी का मौजूदा मार्केट कैप 14.17 लाख करोड़ रुपए है। यह 46 देशों में 149 लोकेशन पर काम करती है।

Also Read  महानगर गैस लिमिटेड स्विंग ट्रेडिंग: 15 दिन में ₹70 प्रति शेयर कमाने का मौका

मुनाफे में 6% की बढ़ोतरी

कंपनी को अप्रैल-जून 2025 तिमाही में ₹12,760 करोड़ का कंसोलिडेटेड नेट प्रॉफिट हुआ, जो पिछले साल की समान तिमाही में ₹12,040 करोड़ था। यानी 5.98% की सालाना वृद्धि

राजस्व और डिविडेंड

  • कंपनी का रेवेन्यू: ₹63,437 करोड़ (संचालन से प्राप्त)
  • डिविडेंड: ₹11 प्रति शेयर (Interim Dividend)
  • रिकॉर्ड डेट: 16 जुलाई 2025
  • भुगतान तिथि: 4 अगस्त 2025

रेवेन्यू में मामूली गिरावट

सालाना आधार पर कंपनी के रेवेन्यू में 1.31% की गिरावट दर्ज की गई है। पिछले वर्ष इसी अवधि में ₹62,613 करोड़ का रेवेन्यू था।

लाभांश का मतलब

डिविडेंड वह लाभ है जो कंपनी अपने मुनाफे से शेयरधारकों को देती है। इस बार TCS ने अपने निवेशकों को ₹11 प्रति शेयर का लाभांश देने का निर्णय लिया है।

मार्जिन में वृद्धि से आय में कमी की भरपाई और मुनाफे में वृद्धि

वित्तीय विश्लेषण में यह देखा गया है कि जब कंपनी के मार्जिन में सुधार होता है, तो यह सीधे तौर पर उसके मुनाफे को प्रभावित करता है। विशेष रूप से, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS) ने हाल ही में अपने वित्तीय परिणामों में उल्लेखनीय सुधार दर्ज किया है।

नेट मार्जिन में सुधार

इस तिमाही में, TCS का नेट मार्जिन 19.3% से बढ़कर 20.1% हो गया है। यह वृद्धि कंपनी की लाभप्रदता में सुधार का संकेत है। नेट मार्जिन में यह बढ़ोतरी दर्शाती है कि कंपनी ने अपनी लागतों को नियंत्रित करते हुए अधिक लाभ अर्जित किया है। इससे न केवल कंपनी की वित्तीय स्थिरता मजबूत हुई है, बल्कि निवेशकों का विश्वास भी बढ़ा है।

Also Read  महानगर गैस लिमिटेड स्विंग ट्रेडिंग: 15 दिन में ₹70 प्रति शेयर कमाने का मौका

ऑपरेटिंग मार्जिन में वृद्धि

इसके अतिरिक्त, कंपनी का ऑपरेटिंग मार्जिन भी 24.2% से बढ़कर 24.5% हो गया है। यह सुधार कंपनी की कार्यकुशलता और संसाधनों के बेहतर उपयोग का परिणाम है। बेहतर वर्क एफिशिएंसी से कंपनी ने अपने परिचालन खर्चों को कम किया है, जिससे कुल लाभ में वृद्धि हुई है। यह मार्जिन सुधार कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मक स्थिति को भी मजबूत करता है।

नई डील्स और सेवा क्षेत्र में वृद्धि

CEO के. कृतिवासन के अनुसार, इस तिमाही में कई बड़ी डील्स पूरी हुई हैं। इन नई डील्स ने कंपनी के राजस्व में वृद्धि की है और साथ ही नई सेवाओं में भी ग्रोथ देखने को मिली है। इन डील्स का प्रभाव कंपनी के मार्जिन पर सकारात्मक रहा है, जिससे कुल लाभ में वृद्धि हुई है।

AI में निवेश और स्किल वर्कर्स

टीसीएस ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) इकोसिस्टम में भी महत्वपूर्ण निवेश किया है। AI-आधारित समाधानों की बढ़ती मांग ने कंपनी को हाई वैल्यू वाले प्रोजेक्ट्स में सफलता दिलाई है। इससे कंपनी को उच्च लाभप्रदता प्राप्त हुई है, जो उसके समग्र मुनाफे को बढ़ाने में सहायक सिद्ध हुई है। AI में निवेश से कंपनी की प्रतिस्पर्धात्मकता भी बढ़ी है, जिससे भविष्य में भी लाभ की संभावना बनी रहती है।

सामग्री का समग्र विश्लेषण दर्शाता है कि मार्जिन में सुधार, नई डील्स, AI में निवेश और कार्यकुशलता में वृद्धि ने TCS के वित्तीय प्रदर्शन को मजबूत किया है। इन कारकों ने मिलकर कंपनी के मुनाफे को बढ़ाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है, जिससे निवेशकों का विश्वास और कंपनी की स्थिरता दोनों बढ़ी हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!