ETF का पूरा नाम है Exchange Traded Fund। यह एक प्रकार का म्यूचुअल फंड होता है जो स्टॉक मार्केट में शेयर की तरह खरीदा और बेचा जाता है।
Traditional Mutual Fund vs ETF
| बात | म्यूचुअल फंड | ETF |
| खरीद/बिक्री | दिन में एक बार NAV पर | पूरे दिन, स्टॉक की तरह |
| कीमत | फंड हाउस तय करता है | मार्केट डिमांड-सप्लाई से तय होती है |
| ट्रेडिंग | सीधे AMC से | स्टॉक मार्केट के ज़रिए (NSE/BSE) |
| रियल-टाइम प्राइसिंग | ❌ नहीं | ✅ हाँ |
| ब्रोकरेज | ❌ नहीं | ✅ हाँ (स्टॉक जैसा) |
ETF कैसे काम करता है?
ETF एक बास्केट (झोला) होता है, जिसमें कई शेयर या बॉन्ड होते हैं। यह बास्केट किसी इंडेक्स को फॉलो करता है।
उदाहरण:
🏦 Nifty 50 ETF
- यह ETF Nifty 50 Index को ट्रैक करता है।
- मतलब इसमें Nifty 50 के सभी 50 कंपनियों के शेयर मौजूद होंगे — जैसे:
- Reliance Industries
- HDFC Bank
- Infosys
- TCS
- ITC, आदि
जब आप Nifty 50 ETF खरीदते हैं, तो आप इन सभी 50 कंपनियों में थोड़ा-थोड़ा निवेश कर रहे होते हैं — सिर्फ एक क्लिक में!
उदाहरण के साथ समझें:
मान लीजिए:
- Nifty 50 ETF की कीमत है ₹200
- आपने ₹10,000 का निवेश किया
तो आपको 50 यूनिट्स मिल जाएंगी।
अगर Nifty 50 Index 5% ऊपर जाता है, तो आपके ETF की वैल्यू भी लगभग 5% बढ़ेगी — यानी ₹10,000 → ₹10,500
भारत में कुछ लोकप्रिय ETFs
| ETF का नाम | ट्रैक करता है | AMC |
| Nippon India ETF Nifty 50 | Nifty 50 | Nippon MF |
| SBI ETF Sensex | Sensex | SBI MF |
| ICICI Prudential IT ETF | Nifty IT | ICICI MF |
| Groww Internet ETF | Nifty India Internet Index | Groww MF |
ETF के फायदे:
✅ कम खर्च (Low Expense Ratio)
✅ विविधता (Diversification) — एक ETF में कई शेयर
✅ रियल-टाइम ट्रेडिंग — शेयर की तरह तुरंत खरीदें-बेचें
✅ पैसिव मैनेजमेंट — फंड मैनेजर का चार्ज कम
ETF के नुकसान
❌ ब्रोकर अकाउंट चाहिए — ट्रेडिंग के लिए Demat/Trading अकाउंट ज़रूरी है
❌ मार्केट ऑर्डर पर निर्भरता — कभी-कभी liquidity कम हो सकती है
❌ Intraday volatility — दिनभर प्राइस बदलते रहते हैं
ETF किनके लिए बेहतर है?
- नए निवेशक जो विविधता चाहते हैं
- जो लोग कम लागत में इंडेक्स को ट्रैक करना चाहते हैं
- ट्रेडिंग का थोड़ा अनुभव रखने वाले लोग
निष्कर्ष
ETF = Mutual Fund + Share का गुण
यह एक स्मार्ट, पारदर्शी और कम लागत वाला निवेश विकल्प है, खासकर तब जब आप खुद निवेश करना चाहते हैं।
