Overdraft Facility क्या होती है?

Overdraft (OD) Facility एक बैंकिंग सुविधा है जिसके तहत आप अपने बैंक अकाउंट में उपलब्ध राशि से अधिक पैसा निकाल सकते हैं, यानी बैंक से सीमित उधारी ले सकते हैं — बिना अलग से लोन लिए

आसान शब्दों में समझें:

मान लीजिए आपके खाते में केवल ₹5,000 हैं, लेकिन आपको ₹10,000 की ज़रूरत है।
अगर आपके अकाउंट पर ओवरड्राफ्ट सुविधा सक्रिय है, तो आप अतिरिक्त ₹5,000 भी निकाल सकते हैं — भले ही आपके अकाउंट में वो पैसा न हो।

ओवरड्राफ्ट की मुख्य बातें

पॉइंट विवरण
सुविधाबैलेंस से अधिक पैसा निकालने की अनुमति
लिमिटबैंक प्रोफाइल के अनुसार एक अधिकतम सीमा तय करता है
ब्याजसिर्फ उसी राशि पर ब्याज लगता है जो उपयोग की गई है
अवधिएक शॉर्ट-टर्म क्रेडिट सुविधा की तरह
प्रकारसिक्योर्ड (जैसे FD के बदले) या अनसिक्योर्ड (बिना किसी गारंटी)

उदाहरण:

स्थितिविवरण
खाते में बैलेंस₹5,000
OD लिमिट₹20,000
जरूरत₹10,000 निकालने की
उपयोग₹5,000 ओवरड्राफ्ट के रूप में उपयोग
ब्याज₹5,000 पर तब तक ब्याज जब तक वापसी न हो जाए

यह सुविधा किन्हें मिलती है?

  • सैलरी अकाउंट होल्डर्स
  • बिज़नेस अकाउंट उपयोगकर्ता
  • FD धारकों को (FD के विरुद्ध OD)
  • अच्छी क्रेडिट हिस्ट्री रखने वालों को

ओवरड्राफ्ट के फायदे:

  • आपातकाल में तुरंत नकदी की सुविधा
  • क्रेडिट कार्ड से कम ब्याज दर
  • ब्याज सिर्फ उपयोग की गई राशि पर लगता है
  • बार-बार आवेदन करने की जरूरत नहीं

नुकसान (सावधानियां):

  • समय पर राशि न लौटाने पर अधिक ब्याज और पेनल्टी
  • क्रेडिट स्कोर पर असर पड़ सकता है
  • अत्यधिक निर्भरता से वित्तीय अनुशासन बिगड़ सकता है

निष्कर्ष:

Overdraft Facility एक तरह का फाइनेंशियल सेफ्टी नेट है — जो आपको अचानक की वित्तीय जरूरतों में राहत देता है।
हालांकि, यह भी एक प्रकार का कर्ज है, इसलिए इसका उपयोग सोच-समझकर और जवाबदारी के साथ करना चाहिए।

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