शेयर बाजार के लिए 15 जुलाई की तारीख अहम: ट्रेडर्स को हाई-अलर्ट पर रहना चाहिए, 5 फैक्टर्स तय करेंगे बाजार की चाल

15 जुलाई 2025 का दिन शेयर बाजार के लिए बेहद अहम माना जा रहा है। कई ऐसे बड़े इकोनॉमिक और कॉर्पोरेट फैक्टर्स हैं जो मार्केट की दिशा तय कर सकते हैं। ट्रेडर्स और निवेशकों को सतर्क रहने की सलाह दी जाती है।

बाजार की दिशा तय करने वाले 5 बड़े फैक्टर्स

तिमाही नतीजे (Q1 Results):

इस सप्ताह कई दिग्गज कंपनियों के अप्रैल-जून तिमाही के नतीजे घोषित होने वाले हैं। HCL Tech, Tech Mahindra, Axis Bank, ICICI Bank, Wipro, JSW Steel, L&T Finance और HDFC Bank जैसे बड़े नामों की परफॉर्मेंस पर निवेशकों की पैनी नजर होगी। इन नतीजों से सेक्टोरल रुझान तय होंगे और बाजार में उतार-चढ़ाव देखने को मिल सकता है।

घरेलू आर्थिक आंकड़े (Macro Data):

14 जुलाई को जून महीने की थोक महंगाई (WPI) और खुदरा महंगाई (CPI) के आंकड़े जारी होंगे। ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था की मौजूदा हालत को दर्शाएंगे और आरबीआई की भविष्य की नीतियों पर भी असर डाल सकते हैं। मई में थोक महंगाई 0.39% और रिटेल महंगाई 2.82% रही थी।

वैश्विक घटनाक्रम (Global Developments):

अंतरराष्ट्रीय स्तर पर अमेरिका में संभावित टैरिफ नीतियों को लेकर असमंजस बना हुआ है, जो वैश्विक बाजार की धारणा को प्रभावित कर सकता है। हालांकि, भारत और अमेरिका के बीच संभावित व्यापार समझौते की उम्मीदें सकारात्मक संकेत दे रही हैं।

विदेशी निवेशकों की भूमिका (FII/DII Activity):

विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की गतिविधियां बाजार की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती हैं। शुक्रवार को FIIs ने ₹5,155.68 करोड़ की बिकवाली की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने ₹3,482.95 करोड़ की खरीदारी कर बाजार को सपोर्ट देने का प्रयास किया।

टेक्निकल फैक्टर्स और वोलैटिलिटी:

Religare Broking के SVP (रिसर्च) अजीत मिश्रा के अनुसार, वैश्विक अनिश्चितताओं और तिमाही नतीजों के चलते बाजार में इस हफ्ते तेज उतार-चढ़ाव बना रह सकता है। तकनीकी रूप से निफ्टी और सेंसेक्स महत्वपूर्ण सपोर्ट और रेसिस्टेंस स्तरों पर ट्रेड कर रहे हैं, जिससे ट्रेंड का निर्धारण हो सकता है।

निफ्टी के अहम स्तर

सपोर्ट ज़ोन (Support Levels) 25,085 / 24,978 / 24,850 / 24,676 / 24,538 / 24,450

सपोर्ट लेवल वह स्तर होते हैं जहां निफ्टी या कोई शेयर गिरते-गिरते ठहर जाता है, क्योंकि इन स्तरों पर खरीदारी बढ़ने लगती है। यहां से अक्सर कीमतों में बाउंस बैक देखने को मिलता है। ट्रेडर्स इन स्तरों को बाय ऑन डिप्स के अवसर के रूप में देख सकते हैं।

रेजिस्टेंस ज़ोन (Resistance Levels) 25,320 / 25,434 / 25,566 / 25,600 / 25,911 / 26,230

रेजिस्टेंस लेवल वह स्तर होते हैं जहां तेजी के बाद कीमतें अटक जाती हैं, क्योंकि वहां बिकवाली बढ़ने लगती है। यदि निफ्टी इन रेसिस्टेंस लेवल्स को decisively पार करता है, तो इसमें नई तेजी की शुरुआत हो सकती है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *

error: Content is protected !!