शेयर बाजार में कई तरह की ट्रेडिंग तकनीकें होती हैं, जिनमें से दो बहुत लोकप्रिय हैं:
- स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading)
- फ्यूचर ट्रेडिंग (Futures Trading)
स्विंग ट्रेडिंग (Swing Trading) क्या है?
स्विंग ट्रेडिंग एक ऐसा ट्रेडिंग तरीका है जिसमें ट्रेडर किसी स्टॉक या अन्य फाइनेंशियल इंस्ट्रूमेंट को कुछ दिनों से लेकर कुछ हफ्तों तक होल्ड करता है, ताकि प्राइस मूवमेंट (उतार-चढ़ाव) से लाभ कमा सके।
मुख्य विशेषताएं:
- समय अवधि: 2 दिन से 2 हफ्ते तक।
- टेक्निकल और फंडामेंटल एनालिसिस का उपयोग।
- डिलीवरी आधारित ट्रेडिंग होती है (असली स्टॉक खरीदे जाते हैं)।
- कम रिस्क और कम मार्जिन की जरूरत।
उदाहरण:
मान लीजिए आप TCS का शेयर ₹3500 में खरीदते हैं और आपको लगता है कि अगले 7 दिनों में इसका प्राइस ₹3700 हो जाएगा। आप शेयर को 7 दिन होल्ड करते हैं और ₹200 प्रति शेयर का मुनाफा कमाते हैं। इसे ही स्विंग ट्रेडिंग कहते हैं।
फ्यूचर ट्रेडिंग (Futures Trading) क्या है?
फ्यूचर ट्रेडिंग एक डेरिवेटिव ट्रेडिंग तकनीक है जिसमें आप किसी स्टॉक, इंडेक्स या कमोडिटी के भविष्य के प्राइस पर सौदा करते हैं, लेकिन असली शेयर आपके पास नहीं आते। इसमें एक एग्रीमेंट होता है जो भविष्य की तारीख पर पूरा होता है।
मुख्य विशेषताएं:
- समय अवधि: आमतौर पर 1 महीने तक (monthly expiry)।
- हाई मार्जिन और लीवरेज (Leverage) का उपयोग होता है।
- प्राइस के ऊपर और नीचे दोनों दिशा में ट्रेड किया जा सकता है।
- रिस्क अधिक होता है, लेकिन मुनाफा भी बड़ा हो सकता है।
उदाहरण:
मान लीजिए आपने Reliance Futures Contract को ₹2800 पर खरीदा और आप 1 लॉट (जिसमें मान लीजिए 250 शेयर होते हैं) ट्रेड करते हैं। अगर प्राइस ₹2900 हो जाता है, तो आपको ₹100 x 250 = ₹25,000 का मुनाफा होता है, जबकि आपने शायद सिर्फ ₹60,000 मार्जिन लगाया था।
स्विंग ट्रेडिंग vs फ्यूचर ट्रेडिंग
| बिंदु | स्विंग ट्रेडिंग | फ्यूचर ट्रेडिंग |
| समय सीमा | कुछ दिन से हफ्तों तक | 1 महीने तक (Expiry-based) |
| रिस्क लेवल | कम | ज्यादा |
| मार्जिन की जरूरत | कम | ज्यादा |
| लीवरेज (उधारी से ट्रेड) | नहीं या बहुत कम | होता है (उच्च) |
| ट्रेडिंग इंस्ट्रूमेंट | असली स्टॉक्स | डेरिवेटिव्स (Futures Contract) |
| होल्डिंग | डिलीवरी आधारित | एक्सपायरी तक वैध |
| मुनाफा/नुकसान | सीमित | बड़ा मुनाफा और बड़ा नुकसान दोनों संभव |
निष्कर्ष (Conclusion):
- स्विंग ट्रेडिंग उन निवेशकों के लिए बेहतर है जो कम रिस्क के साथ तकनीकी व फंडामेंटल आधार पर कुछ दिनों के लिए निवेश करना चाहते हैं।
- फ्यूचर ट्रेडिंग उन प्रोफेशनल या अनुभवी ट्रेडर्स के लिए है जो मार्केट मूवमेंट को जल्दी पकड़ सकते हैं और हाई रिस्क को संभाल सकते हैं।
